कहते हैं कि आंखें आत्मा की खिड़की होती हैं। ईश्वर की आंखों में गहराई से देखें और उन्हें अपने भीतर की स्थिति को प्रकट करने दें, जिससे आपकी अपनी आंतरिक स्थिति जागृत हो सके।
ईश्वर की आंखें आंतरिक आनंद, प्रेम और करुणा के सागर को प्रकट करती हैं। वे आपको ऊपर उठा सकती हैं और आपके संपूर्ण अस्तित्व को शांति और पवित्रता से भर सकती हैं। इस अनुभव के माध्यम से, उनकी शांत आंखों में दृष्टि डालें और धीरे-धीरे अपने भीतर की दिव्यता के प्रकटीकरण को देखें।
चरण १:
परम कृपालु देव के चित्रपट के सामने शांति से बैठें और अपने शरीर और मन को शांत होने दें।चरण १:
धीरे-धीरे सांस लें और बिना पलक झपकाए परम कृपालु देव की आंखों पर अपनी निगाहें टिकाएं। इस क्षण में उनके साथ एक गहरा जुड़ाव महसूस करें।चरण १:
कल्पना कीजिए कि उनकी आंखों से कोमल, शुद्ध सफेद प्रकाश आपकी आंखों में प्रवाहित हो रहा है।चरण १:
सफेद प्रकाश को धीरे-धीरे अपने शरीर के हर रोम में प्रवेश करते हुए, अपने हृदय में उतरते हुए, अपने पूरे शरीर में, अपनी उंगलियों और पैरों की उंगलियों तक पहुंचते हुए महसूस करें।चरण १:
इसी अवस्था में बने रहें – उनकी दिव्यता आप में पूर्णतः व्याप्त हो।
जैसे-जैसे आप इस अभ्यास को जारी रखेंगे, आपको गहन शांति का अनुभव होगा। स्वयं को उनकी कृपा में लीन करें और उनके करीब आएं।









